Prepayment की रकम सीधे मूल रकम घटाती है। मूल रकम कम होने से हर अगले महीने का ब्याज कम बनता है, और EMI वही रहने पर loan जल्दी खत्म हो जाता है।
Prepayment के बाद EMI वही रखकर अवधि घटाने से आमतौर पर ज़्यादा ब्याज बचता है। EMI घटाने से हर महीने का बोझ कम होता है, पर बचत कम होती है।
RBI के नियमों के अनुसार floating rate वाले व्यक्तिगत loans पर bank prepayment या foreclosure charge नहीं ले सकते। Fixed rate loans पर charge लग सकता है, इसलिए अपने bank से पूछें।
ये loan की ब्याज दर, निवेश के अनुमानित return, tax और आपके emergency fund पर निर्भर करता है। ज़रूरत हो तो किसी financial advisor से बात करें।
Login करके अपने सहेजे हुए हिसाब, badges और settings हर device पर साथ रखें। Login के बिना भी सारे calculators पूरी तरह चलते रहेंगे।
ये preview है, इसलिए login अभी असली DESI ID से जुड़ा नहीं है। Live site पर ये button DESI ID का login page खोलेगा।