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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

EMI कैसे निकाली जाती है?

EMI = P × r × (1+r)ⁿ ÷ ((1+r)ⁿ − 1), जहाँ P loan की रकम, r महीने की ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n कुल महीने हैं।

लंबी अवधि लें या बड़ी EMI?

लंबी अवधि से EMI कम होती है, पर कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। जितनी EMI आराम से चुका सकें, उतनी कम अवधि लेने से ब्याज बचता है।

Floating rate loan में EMI बदलती है?

हाँ। RBI के repo rate के साथ bank ब्याज दर बदलते हैं। आमतौर पर bank पहले loan की अवधि बदलते हैं; कई bank EMI बदलने का विकल्प भी देते हैं।

Home loan पर tax छूट मिलती है?

पुरानी tax व्यवस्था में मूल रकम पर 80C (₹1.5 लाख की सीमा में) और अपने रहने वाले घर के ब्याज पर section 24(b) में ₹2 लाख तक छूट है। नई व्यवस्था में अपने रहने वाले घर के ब्याज पर ये छूट नहीं मिलती।